केरल के वायनाड में टनल परियोजना स्थल पर भूस्खलन, छह लोगों को बचाया गया; कई के दबे होने की आशंका
केरल के वायनाड में भारी बारिश के कारण टनल परियोजना स्थल पर भूस्खलन हुआ। छह लोगों को बचाया गया, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका पर राहत अभियान जारी है।
केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को एक बड़ा भूस्खलन होने से हड़कंप मच गया। मेप्पाडी के पास कल्लाडी क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों को आशंका है कि कई लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
यह भूस्खलन मीनाक्षी पुल के पास हुआ, जहां मलप्पुरम और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली टनल रोड परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कलपेट्टा से अग्निशमन और बचाव दल को मौके पर भेजा गया।
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने स्थिति को देखते हुए आपात बैठक की और अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने मंत्री एपी अनिल कुमार और टी सिद्दीकी को वायनाड पहुंचकर अभियान की निगरानी करने को कहा है।
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अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण टनल परियोजना का काम सोमवार से ही रोक दिया गया था। पिछले 24 घंटे में इलाके में करीब 265 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण मिट्टी खिसकने की घटना हुई।
स्थानीय लोगों ने छह लोगों को बचाया
बचाव दल के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि ये लोग टनल रोड परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बने आवास में रह रहे थे। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि कहीं अन्य कर्मचारी या स्थानीय लोग मलबे में तो नहीं फंसे हैं।
भूस्खलन से आसपास के कुछ घरों, होमस्टे और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों के कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए।
बचाव अभियान में पुलिस, अग्निशमन विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें शामिल हैं। वायनाड जिला कलेक्टर और मंत्री टी सिद्दीकी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
यह हादसा अनक्कमपोयिल-मेप्पाडी टनल रोड परियोजना के पास हुआ है, जिसका उद्देश्य मलप्पुरम और वायनाड के बीच संपर्क बेहतर बनाना है। अधिकारियों की टीम अब यह जांच कर रही है कि भूस्खलन से परियोजना को कितना नुकसान पहुंचा है।