पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा ऐलान, अवैध घुसपैठियों की पहचान कर देश से निकाला जाएगा: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति लागू करने का ऐलान किया और सीमा सुरक्षा मजबूत करने की बात कही।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति पर काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के दायरे में नहीं आते, उन्हें पूरी तरह अवैध घुसपैठिया माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर राज्य पुलिस उन्हें गिरफ्तार करेगी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप देगी। इसके बाद बीएसएफ, बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स (बीडीआर) के साथ बातचीत कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “हमारी सरकार अवैध घुसपैठ के मामले में बिल्कुल सख्त नीति अपनाएगी। जो लोग कानूनी रूप से भारत में नहीं हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।”
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इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के पांच जिलों में फैली 27 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़ लगाने के निर्माण कार्य के लिए जमीन बीएसएफ को सौंप दी है।
सरकार का मानना है कि सीमा पर फेंसिंग मजबूत होने से अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
इस बयान को राज्य की राजनीति में एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से बंगाल में अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी समय में इस नीति को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो सकता है, खासकर विपक्षी दलों द्वारा इसके विरोध की संभावना जताई जा रही है।