व्हाइट हाउस डिनर फायरिंग से उभरी पुरानी यादें, रीगन पर हमले से की जा रही तुलना
व्हाइट हाउस डिनर में फायरिंग की घटना ने 1981 में रोनाल्ड रीगन पर हुए हमले की याद दिलाई। हमलावर को काबू कर लिया गया और जांच जारी है।
वॉशिंगटन के वाशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस वार्षिक प्रेस डिनर के दौरान शनिवार को हुई फायरिंग की घटना ने चार दशक पुरानी एक बड़ी घटना की याद ताजा कर दी है। यह वही स्थान है जहां 1981 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर जानलेवा हमला हुआ था।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम शांतिपूर्ण होने वाला था, लेकिन उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक 31 वर्षीय व्यक्ति ने सुरक्षा जांच को पार करने की कोशिश करते हुए कई गोलियां चला दीं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को काबू में कर लिया और एक बड़ी त्रासदी टल गई।
घटना के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके कैबिनेट सदस्यों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमलावर संभवतः “लोन वुल्फ” था और अकेले ही इस घटना को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था।
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इस घटना की तुलना 30 मार्च 1981 से की जा रही है, जब रोनाल्ड रीगन होटल से बाहर निकल रहे थे और जॉन हिन्कले जूनियर नामक व्यक्ति ने उन पर छह गोलियां चलाई थीं। उस हमले में रीगन गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें अस्पताल में आपातकालीन सर्जरी करानी पड़ी थी।
शनिवार की घटना में संदिग्ध की पहचान कैलिफोर्निया के टॉरेंस निवासी कोल टोमस एलेन के रूप में की गई है। उस पर हथियारों से जुड़े कई आरोप लगाए गए हैं, जिसमें एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने का आरोप भी शामिल है।
एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने बताया कि एजेंसी घटना स्थल से बरामद हथियारों और सबूतों की जांच कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई जानकारी हो तो वे आगे आएं।