भारत के व्यापार समझौतों के बाद दुनिया को स्थिरता में विश्वास: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हाल के व्यापार समझौतों ने वैश्विक स्थिरता में विश्वास बढ़ाया है और विकसित भारत की दिशा में कदम मजबूत किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को राज्यसभा में कहा कि भारत के यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों के बाद दुनिया अब वैश्विक स्थिरता के प्रति अधिक आश्वस्त महसूस कर रही है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को पीछे देखने या रुकने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि केवल आगे बढ़कर 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करना है। उन्होंने बताया, “भारत कई देशों के साथ भविष्य-सज्जित व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है। हाल के दिनों में हमने नौ प्रमुख देशों के साथ समझौते किए हैं, जिनमें 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भी शामिल है।”
पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि एक दिन उन्हें यह बताना होगा कि उन्होंने अतीत में राष्ट्र के लिए क्या किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों की गलतियों को सुधारने में उनकी काफी ऊर्जा खर्च हुई।
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उन्होंने जोर देते हुए कहा, “जब यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता हुआ, तब दुनिया को स्थिरता पर अधिक विश्वास हुआ। अमेरिका के साथ समझौते के बाद यह विश्वास और बढ़ गया। यह दुनिया के लिए अच्छा संकेत है।”
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि संसद में संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने भारत के उज्जवल भविष्य में विश्वास व्यक्त किया।
अपने भाषण की शुरुआत पीएम मोदी ने विपक्ष के नारों के बीच की। उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे पर भी तंज कसा और कहा कि वे बैठकर भी नारे लगा सकते हैं। इसके बाद विपक्ष ने संसद से वॉकआउट किया।
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