यमुना सफाई अभियान को मिली तय समयसीमा, अमित शाह ने 20 दिन में समीक्षा और 2027 तक 59 नए एसटीपी बनाने के निर्देश दिए
अमित शाह ने यमुना सफाई अभियान की नियमित 20-दिवसीय समीक्षा के निर्देश दिए हैं। 2027 तक 59 नए एसटीपी स्थापित कर नदी प्रदूषण कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
यमुना नदी की सफाई को लेकर केंद्र सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना पुनर्जीवन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परियोजना को तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने हर 20 दिन में प्रगति की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है।
बैठक के दौरान अमित शाह ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों से कहा कि वे अलग-अलग प्रयासों के बजाय एकीकृत कार्ययोजना के तहत मिलकर काम करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यमुना की सफाई केवल किसी एक राज्य की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह तीनों राज्यों के समन्वित प्रयासों से ही संभव होगी।
यमुना में प्रदूषण कम करने के लिए वर्ष 2027 तक 59 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाने की योजना बनाई गई है। इन संयंत्रों का उद्देश्य बिना उपचारित सीवेज को नदी में जाने से रोकना और जल गुणवत्ता में सुधार लाना है।
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अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की देरी को तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित एसटीपी समय पर बन जाते हैं और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है, तो यमुना नदी के प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
यमुना देश की सबसे महत्वपूर्ण नदियों में से एक है, लेकिन वर्षों से औद्योगिक अपशिष्ट और सीवेज के कारण इसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सरकार को उम्मीद है कि नई कार्ययोजना से नदी के पुनर्जीवन में तेजी आएगी।
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