नोएडा मजदूर आंदोलन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान: कुछ लोग अशांति फैलाने की साजिश कर रहे हैं
नोएडा मजदूर आंदोलन पर सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग अशांति फैलाने की साजिश कर रहे हैं। पुलिस ने अफवाह फैलाने पर एफआईआर दर्ज की और सुरक्षा बढ़ाई।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों के वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (13 अप्रैल) को स्थिति पर बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदेश की शांति और विकास को बाधित करने के लिए अशांति फैलाने की साजिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने मजदूरों से अपील की कि वे ऐसे तत्वों के बहकावे में न आएं।
मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की “डबल इंजन” सरकार सुरक्षा, सुशासन, सेवा और औद्योगिक विकास के मॉडल पर काम कर रही है।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, युवाओं को रोजगार दे रही है और किसानों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जब राज्य प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, तब कुछ लोग जानबूझकर अशांति फैलाकर विकास को रोकना चाहते हैं।
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उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान सरकार के प्रयासों को भी याद किया और कहा कि कठिन समय में भी प्रवासी मजदूरों के लिए परिवहन, क्वारंटीन सेंटर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
इसी बीच, उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि नोएडा में मजदूर आंदोलन से जुड़ी अफवाह फैलाने के आरोप में दो सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस ने कहा कि कुछ बाहरी तत्वों द्वारा प्रदर्शन को भड़काया गया, हालांकि हिंसा केवल एक स्थान पर हुई जिसे न्यूनतम बल प्रयोग से नियंत्रित कर लिया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना के दौरान कोई गोलीबारी नहीं हुई और जनता से गलत जानकारी न फैलाने की अपील की।
नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों—फेज 2, सेक्टर 60 और सेक्टर 84—में प्रदर्शन के दौरान आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं हुईं। आंदोलन के कारण दिल्ली-नोएडा सीमा पर लंबा जाम लग गया और हजारों यात्री फंस गए।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें: वेतन वृद्धि, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, 8 घंटे की शिफ्ट, बोनस, साप्ताहिक अवकाश और समय पर वेतन भुगतान शामिल हैं।
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