उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक उड़ान: योगी आदित्यनाथ ने पेश किया बदलाव का विजन
उत्तर प्रदेश विधानसभा में पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण पेश हुआ। योगी आदित्यनाथ ने राज्य को बीमारू से शीर्ष अर्थव्यवस्था बनाने, 6 करोड़ लोगों को गरीबी से निकालने और ट्रिपल टी मॉडल पर जोर दिया।
एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा में पहली बार राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे सरकार की ठोस उपलब्धियों की “डंके की चोट पर” घोषणा बताया। वित्त वर्ष 2026–27 के बजट सत्र के पांचवें दिन उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने का अवसर मिलने पर सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस चर्चा में कुल 92 सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें 60 सत्तापक्ष और 32 विपक्ष से थे। योगी ने कहा कि ऐसे सार्थक संवाद लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का असहमति जताना स्वाभाविक है, लेकिन सभी सदस्यों ने सदन की गरिमा बनाए रखी। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के दौर की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राज्य की छवि खराब थी। उन्होंने कहा कि बेटियों में भय का माहौल था और व्यापारी अपना कारोबार बंद करने को मजबूर थे। उन्होंने गालिब के शेर का हवाला देते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने मूल समस्याओं को नजरअंदाज किया, जिससे विकास बाधित हुआ।
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उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में अनुशासन, मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट शासन दृष्टि से राज्य ने नई पहचान बनाई है। पहली बार पेश किया गया आर्थिक सर्वेक्षण पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम है।
आज उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और “बीमारू” राज्य की छवि से बाहर निकलकर राष्ट्रीय विकास का इंजन बन गया है। मुख्यमंत्री ने “ट्रिपल टी”—टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन—को राज्य की प्रगति का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की “डबल इंजन” नीतियों के कारण पिछले आठ वर्षों में 6 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।
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