जगन मोहन रेड्डी ने राज्यपाल से की मुलाकात, कथित डीएससी घोटाले और प्रदर्शनकारियों पर हमले का मुद्दा उठाया
वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्यपाल से मुलाकात कर कथित डीएससी भर्ती अनियमितताओं और प्रदर्शनकारियों पर हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीबीआई जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर जिला चयन समिति (डीएससी) भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कथित हमले का मुद्दा उठाया।
जगन मोहन रेड्डी ने एक बार फिर शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कथित डीएससी भर्ती घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने राज्यपाल को अपनी चिंताओं से अवगत कराते हुए कथित तौर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
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जगन मोहन रेड्डी ने राज्य सरकार से मामले में पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि डीएससी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच होने से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है और जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
उन्होंने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। हालांकि, ये आरोप वाईएसआरसीपी और जगन मोहन रेड्डी की ओर से लगाए गए हैं और इन पर संबंधित पक्ष का जवाब अलग हो सकता है।
डीएससी भर्ती प्रक्रिया राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ी है और इसे लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठाता रहा है। जगन मोहन रेड्डी ने राज्यपाल से मुलाकात के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के अलावा प्रदर्शनकारियों के अधिकारों और उनके साथ हुए व्यवहार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
वाईएसआरसीपी ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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