आंध्र प्रदेश सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप, वाईएसआरसीपी ने साधा निशाना
वाईएसआरसीपी ने आंध्र प्रदेश गठबंधन सरकार पर चुनावी वादों से पीछे हटने और 3 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के उपयोग में पारदर्शिता न रखने का आरोप लगाया है।
आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार पर विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। विधान परिषद में विपक्ष के नेता (LoP) बोत्सा सत्यनारायण ने सरकार की नीतियों और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है।
विशाखापट्टनम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बोत्सा सत्यनारायण ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार ने जनता से किए गए अधिकांश चुनावी वादों को पूरा नहीं किया है, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता की कमी है और विकास कार्यों की गति भी धीमी पड़ी है।
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा कथित रूप से लिए गए 3 लाख करोड़ रुपये के ऋण पर भी सवाल उठाए। बोत्सा सत्यनारायण ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि इतना बड़ा कर्ज आखिर किन योजनाओं और परियोजनाओं पर खर्च किया गया है। उन्होंने सरकार से इस वित्तीय प्रबंधन पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
वाईएसआरसीपी नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं है और कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने वादों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को समझना चाहिए।
विपक्षी दल ने यह भी कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ सरकार को चुना था, वे अपेक्षाएं पूरी नहीं हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार अपने सभी चुनावी वादों की समीक्षा करे और जनता के सामने पारदर्शी रिपोर्ट पेश करे।
फिलहाल सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।