ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक, मशहद में अंतिम विदाई
ईरान ने चार महीने बाद पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया। अंतिम संस्कार के बीच क्षेत्र में तनाव और युद्ध की आशंकाएं बनी रहीं।
ईरान ने शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) को अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। उनकी मौत के चार महीने से अधिक समय बाद आयोजित अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच हुए हमलों के कारण पश्चिम एशिया में फिर से व्यापक युद्ध छिड़ने की आशंकाएं भी बनी रहीं।
अंतिम यात्रा के दौरान ईरानी राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे अयातुल्ला अली खामेनेई के ताबूत को श्रद्धालुओं और सुरक्षा कर्मियों ने कंधों पर उठाकर इमाम रज़ा की पवित्र दरगाह तक पहुंचाया। अंतिम दर्शन और प्रार्थना के लिए दरगाह के बाहर लोगों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई दी और उनके सम्मान में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
हालांकि अंतिम संस्कार समारोह के दौरान उनके पुत्र और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। उनकी अनुपस्थिति को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं भी होती रहीं, लेकिन ईरानी प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
यह अंतिम संस्कार ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में हुए सैन्य हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव को फिर बढ़ा दिया है। इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आशंका है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष एक बार फिर बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक और राष्ट्रीय आयोजन नहीं था, बल्कि यह ईरान के लिए राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण अवसर रहा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और देशभर में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों के बीच पूरी दुनिया की नजर अब ईरान के नए नेतृत्व और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर बनी हुई है।