अंबेडकरनगर में घर की दीवार और ड्रम से निकले 26 सांप, कोबरा मिलने से मची अफरा-तफरी
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में एक घर से 25 सांप के बच्चे और एक कोबरा मिलने से हड़कंप मच गया। सपेरे ने सभी सांपों को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र स्थित आजनपारा गांव में एक घर से दो दर्जन से अधिक सांप निकलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सांपों में एक विषैला कोबरा भी शामिल था। घटना की सूचना मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी दिनेश विश्वकर्मा, स्वर्गीय राम कृपाल विश्वकर्मा के पुत्र, के बच्चों ने मिट्टी की दीवार वाले घर में कोबरा के कई बच्चों को रेंगते हुए देखा। बच्चों के शोर मचाने पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। जब घर के आसपास पड़ा कूड़ा-करकट हटाया गया तो सांप के कई बच्चे दिखाई दिए। इसी दौरान एक बड़ा कोबरा भी नजर आया, जो तुरंत दीवार की दरार में जाकर छिप गया।
घटना की खबर फैलते ही लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। इसके बाद पास के जगतुपुर गांव से सपेरा राजित राम कनौजिया को बुलाया गया। उन्होंने कई घंटों की मशक्कत के बाद एक-एक करके कुल 25 सांप के बच्चों को पकड़ा और सुरक्षित डिब्बे में रखा। इसके बाद खपरैल वाले हिस्से को हटाकर बिल में छिपे बड़े कोबरा को भी सुरक्षित पकड़ लिया गया।
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सपेरे ने सभी सांपों को बाद में नजदीकी जंगल में छोड़ दिया। इस दौरान अधिवक्ता नागेंद्र यादव, राम आसरे यादव, रमापति विश्वकर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे और बचाव कार्य में सहयोग किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते और वे चूहों तथा कीट-पतंगों को खाकर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं। हालांकि कोबरा, रसेल वाइपर, कॉमन क्रेट और सॉ-स्केल्ड वाइपर जैसी प्रजातियां अत्यंत विषैली होती हैं। आमतौर पर सांप इंसानों पर हमला नहीं करते, लेकिन खतरा महसूस होने पर वे काट सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में स्वयं पकड़ने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना देना सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है।
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