भारत की तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तटीय सुरक्षा की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार भारत की समुद्री सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बंदरगाह सुरक्षा पर भी अहम निर्देश दिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्र सरकार भारत की तटीय सुरक्षा को पूरी तरह अभेद्य और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम तेज़ी से लागू करने के निर्देश दिए।
गृह मंत्री ने केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ मिलकर तटीय क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे सीमा चौकियों (बीओपीएस) की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में तटीय निगरानी, बंदरगाह सुरक्षा, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और आधुनिक तकनीक के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान अमित शाह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बंदरगाहों की सुरक्षा का दायित्व केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसियों को ही सौंपा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी एजेंसियों में नियुक्त सुरक्षा कर्मियों का विधिवत पुलिस सत्यापन होना अनिवार्य है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो।
गृह मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि समुद्री सीमाओं की सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत, तकनीक आधारित तथा समन्वित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने तटीय क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने और सुरक्षा ढांचे को समयबद्ध तरीके से विकसित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि विभिन्न राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय को कैसे और बेहतर बनाया जाए, ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। इसके अलावा समुद्री मार्गों से होने वाली तस्करी, घुसपैठ और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
केंद्र सरकार का मानना है कि मजबूत तटीय सुरक्षा व्यवस्था न केवल देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करेगी, बल्कि बंदरगाहों की सुरक्षा, व्यापारिक गतिविधियों और राष्ट्रीय हितों को भी मजबूती प्रदान करेगी। सरकार इस दिशा में आधुनिक तकनीक और सख्त सुरक्षा मानकों को अपनाने पर विशेष जोर दे रही है।
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