×
 

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया, बोले- हिंसा से कभी समाधान नहीं निकलता

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि समस्याओं का समाधान हिंसा से नहीं बल्कि संवाद और शांतिपूर्ण तरीकों से ही संभव है।

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान हिंसा से नहीं, बल्कि संवाद और शांतिपूर्ण तरीकों से होना चाहिए।

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में मीडिया से बातचीत करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि जनता को अपनी मांगें रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जनहित को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए और हर मुद्दे को बातचीत के जरिए हल करने का प्रयास किया जाना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम पर अन्ना हजारे ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि जनता क्या चाहती है और उसके हित में फैसले लिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि लोगों के कल्याण के लिए आगे बढ़ना पड़े तो इसमें कोई समस्या नहीं है, लेकिन तरीका शांतिपूर्ण होना चाहिए।

और पढ़ें: राजनाथ सिंह ने द्रास युद्ध स्मारक पर कारगिल वीरों को दी श्रद्धांजलि, भारतीय सैनिकों के साहस को किया सलाम

उन्होंने कहा, "आपने भी ऐसी मांग की, आपने भी इस्तीफे की मांग की, लेकिन ऐसे मुद्दों को हिंसा के जरिए नहीं उठाया जाना चाहिए। समस्याएं कभी हिंसा से हल नहीं होतीं, उनका समाधान बातचीत से होता है।"

अन्ना हजारे ने अपने आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में 22 बार अनशन किया, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों के माध्यम से ही प्रभावी बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि उनके अहिंसक आंदोलनों के कारण कई महत्वपूर्ण कानून बनाए गए।

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा सही नहीं है। उन्होंने कहा, "हिंसा कभी उचित नहीं होती, चाहे कोई भी व्यक्ति हो।"

गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की थी।

सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद कई मांगों को स्वीकार किया गया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया और धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

और पढ़ें: राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही की मांग

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share