अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर बड़ा विवाद, वकीलों ने आरोपियों की पैरवी से किया इनकार
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में वकीलों ने आरोपियों की पैरवी से इनकार किया। पुलिस जांच जारी है और सभी 8 आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी है।
अयोध्या में स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चंदा चोरी (दान राशि गबन) के कथित मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी करने से अयोध्या के वकीलों ने साफ इनकार कर दिया है।
फैजाबाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय सोमवार को होने वाली आम बैठक में लिया जाएगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है और इससे अयोध्या की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा है।
वकीलों के संगठन में आरोपियों के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। कई अधिवक्ताओं ने मांग की है कि गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि यह घटना सभी वकीलों को आहत करने वाली है और अधिकांश अधिवक्ता इन आरोपियों की पैरवी नहीं करना चाहते।
वकील विवेक कुमार सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि आरोपियों को भारी सुरक्षा के बीच पेश करने के बजाय जनता के सामने लाया जाना चाहिए था।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों की वजह से पूरी अयोध्या की छवि को नुकसान पहुंचा है और इन आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है और मामले की जांच तेज कर दी गई है। इससे पहले सभी आठ आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब पुलिस अदालत में उनकी रिमांड की मांग कर सकती है।
यह मामला धार्मिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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