धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अमित शाह ने पीएम मोदी से की मुलाकात, सीजेपी की केंद्र से वार्ता जारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की, जबकि सीजेपी ने केंद्र से बातचीत जारी रखते हुए अपनी मांगें दोहराईं।
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे देशव्यापी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का दौर भी जारी रहा।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के बाद जारी संदेश में कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से वह बेहद दुखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों को भ्रमित करने और स्थिति को बिगाड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का कदम है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी उन्होंने शुरुआत से स्वीकार की और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में बनी स्थिति का कोई राष्ट्रविरोधी तत्व फायदा न उठा सके।
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सीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपने 36 दिनों से चल रहे आंदोलन की पहली बड़ी जीत बताया। हालांकि, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार उनकी बाकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
सीजेपी की प्रमुख मांगों में नीट विवाद से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देना और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन शामिल है।
विपक्षी दलों ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों, युवाओं और लोकतंत्र की जीत बताया। गौरतलब है कि 20 जुलाई को सीजेपी के 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हिंसा शुरू करने का आरोप लगाया था।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सीजेपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। प्रदर्शनकारी 20 जून से धरने पर बैठे हैं और उनकी मांगों में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करना, सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और सार्वजनिक परीक्षाओं में व्यापक सुधार शामिल हैं।