जेन-जी के बाद अब जेन अल्फा की बारी, जवाबदेही की मांग कर रहे बच्चे: अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने स्वतंत्रता दिवस पर कहा कि जेन अल्फा के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं और जवाबदेही चाहते हैं।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार, 15 अगस्त 2026 को कहा कि जेन-जी के बाद अब जेन अल्फा के बच्चे भी बेहतर सुविधाओं और सरकारी स्कूलों में सुधार की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद करने लगे हैं।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केजरीवाल ने कहा कि देशभर में बच्चे बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर विरोध और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर, देहरादून और बाड़मेर का उदाहरण दिया।
केजरीवाल के अनुसार, इन क्षेत्रों में छात्र बेहतर सड़कों और पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की ये मांगें केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें स्कूल आने-जाने और पढ़ाई के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से भी जुड़ी हुई हैं।
केजरीवाल ने जेन अल्फा के बच्चों की सक्रियता को जवाबदेही की मांग से जोड़ते हुए कहा कि अब नई पीढ़ी भी अपने अधिकारों और सुविधाओं को लेकर सवाल पूछ रही है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे को लेकर बहस जारी है।
जेन अल्फा आमतौर पर 2010 के दशक की शुरुआत के बाद जन्मी पीढ़ी को कहा जाता है। केजरीवाल ने अपने संदेश के जरिए यह रेखांकित करने की कोशिश की कि युवा पीढ़ियां अब सार्वजनिक सेवाओं और सरकारी व्यवस्थाओं से बेहतर सुविधाओं की अपेक्षा कर रही हैं।