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लोकतंत्र में युवाओं के विरोध का अहम स्थान, नेपाल के साथ रिश्ते बराबरी पर आधारित: रविशंकर प्रसाद

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि युवाओं के विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने भारत-नेपाल संबंधों में समानता, सांस्कृतिक जुड़ाव, पर्यटन और आर्थिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि नेपाल या भारत में युवाओं के विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक समाज की स्वाभाविक विशेषता हैं। उन्होंने कहा कि किसी देश की परिपक्वता इस बात से तय होती है कि वह युवाओं की चिंताओं का समाधान किस तरह करता है।

काठमांडू में आयोजित वर्ल्ड अन्विक्षा समिट में भारत-नेपाल संबंधों पर बातचीत के दौरान प्रसाद ने कहा कि यदि युवाओं को कुछ गलत लगता है, चाहे वह वास्तविक समस्या हो या ऐसी धारणा, तो वे प्रतिक्रिया देंगे। महत्वपूर्ण यह है कि उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान करने के लिए संस्थागत व्यवस्था कितनी मजबूत है।

उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और बलूचिस्तान में हो रहे युवा प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसा की जाती है। उनके अनुसार, लोकतंत्र और स्थिरता का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि युवाओं की चिंताओं को किस तरह समझा और संबोधित किया जाता है।

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प्रसाद ने कहा कि भारत और नेपाल की परिस्थितियों की तुलना पाकिस्तान और बांग्लादेश से नहीं की जा सकती। उन्होंने नेपाल में हाल के राजनीतिक बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि युवा आंदोलन के बाद वहां सत्ता परिवर्तन हुआ।

भारत-नेपाल संबंधों पर जोर

नेपाल की युवा पीढ़ी को भारत से जोड़ने के सवाल पर प्रसाद ने धार्मिक पर्यटन और कारोबार को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अयोध्या और जनकपुर के बीच बेहतर रेल संपर्क की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन की बड़ी संभावनाएं खुल सकती हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर और भारत में काशी विश्वनाथ मंदिर हैं, दोनों देशों के रिश्ते मजबूत बने रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत नेपाल के साथ किसी “बड़े भाई” जैसा व्यवहार नहीं करना चाहता, बल्कि समानता और संप्रभुता के सम्मान के आधार पर संबंध चाहता है।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए प्रसाद ने कहा कि भारत इस कठिन समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। भारतीय सुरक्षाकर्मी पुलों की मरम्मत कर रहे हैं और चिकित्सा सहायता तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम नेपाल में मौजूद है।

गोरखा भर्ती और पाकिस्तान पर टिप्पणी

अग्निपथ योजना के कारण नेपाली नागरिकों की गोरखा रेजिमेंट में भर्ती से जुड़े सवाल पर प्रसाद ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जिसका समाधान नहीं निकाला जा सकता।

पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने आतंकवाद को विदेश नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोग भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं, लेकिन वहां के सैन्य जनरल आतंकवाद को राज्य नीति के उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

साझा संस्कृति को बताया आधार

प्रसाद ने कहा कि भारत और नेपाल के भविष्य के सहयोग में हिमालयी क्षेत्रों का पर्यावरण और जलवायु प्रबंधन महत्वपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने हिमालय को दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत बताया।

उन्होंने बौद्ध और रामायण सर्किट, छठ पर्व, साझा धार्मिक परंपराओं, भाषा और खान-पान को दोनों देशों की निकटता का आधार बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ मजबूत आर्थिक प्रगति के लिए व्यापार और विकास को भी आगे बढ़ाना जरूरी है।

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