हिमाचल में 58,830 करोड़ रुपये का बजट पास, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने कहा—अतिरिक्त ऋण संभव, लेकिन बिना बोझ के सुधार होंगे
हिमाचल विधानसभा ने 58,830 करोड़ रुपये का बजट पास किया, CM सुखू ने कहा—अतिरिक्त ऋण संभव है, लेकिन विकास और सुधार जनता पर बोझ डाले बिना होंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने सोमवार को 2026-27 के लिए राज्य का बजट पास कर दिया, जिसकी कुल राशि 58,830 करोड़ रुपये है। यह बजट सत्र के 13वें दिन वॉइस वोट के माध्यम से पारित किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य को अतिरिक्त ऋण लेने की आवश्यकता पड़ सकती है, लेकिन यह जनता पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखू ने सदन को बताया कि बजट का उद्देश्य प्रदेश में विकास परियोजनाओं को गति देना, सामाजिक कल्याण योजनाओं को जारी रखना और आर्थिक सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के साथ काम करेगी, ताकि जनता पर कोई अतिरिक्त दबाव न पड़े।
बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, पर्यटन और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचेगा और विकास कार्य तेजी से होंगे।
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सुखू ने यह स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो राज्य अतिरिक्त ऋण लेकर विकास कार्यों को पूरा करेगा, लेकिन जनता के लिए कोई वित्तीय बोझ उत्पन्न नहीं होगा। इसके अलावा, उन्होंने प्रशासनिक सुधार और सरकारी कार्यकुशलता बढ़ाने के उपायों का भी आश्वासन दिया।
बजट पास होने से राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश का यह बजट विकास और सामाजिक कल्याण को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास है।
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