क्रिकेट लीग ने पुलवामा को आतंक की छाया से निकाला, खेल के जरिए लिखी नई कहानी
पुलवामा में रॉयल प्रीमियर लीग ने खेल के जरिए लोगों में नया उत्साह पैदा किया। रात में मैचों ने आतंक की पुरानी छवि को पीछे छोड़कर क्षेत्र में बदलाव का संदेश दिया।
दक्षिण कश्मीर का पुलवामा कभी आतंकवाद और पत्थरबाजी की घटनाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां खेल के जरिए एक नई कहानी लिखी जा रही है। रॉयल प्रीमियर लीग के फाइनल के दौरान पूरा पुलवामा क्रिकेट के रंग में डूबा नजर आया। स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था और बाहर सड़कों पर भी भारी भीड़ उमड़ी।
यह सिर्फ क्रिकेट का जुनून नहीं था, बल्कि बदलते पुलवामा की तस्वीर थी। पिछले तीन दशकों के उग्रवाद के दौरान कश्मीर में रात की जिंदगी लगभग खत्म हो गई थी। इस क्रिकेट लीग ने लोगों को रात में फिर से घरों से बाहर निकलने और उत्सव मनाने का अवसर दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तीन सप्ताह पहले लीग शुरू होने के बाद रात के समय सड़कों पर दिन की तुलना में अधिक भीड़ देखने को मिल रही है।
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इरफान सरकार की पहल
पुलवामा के गायक इरफान सरकार इस बदलाव के पीछे प्रमुख व्यक्ति हैं। घाटी के 10 क्लबों ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। इरफान पिछले छह वर्षों से स्थानीय क्रिकेट मैच आयोजित कर रहे हैं। पिछले वर्ष उन्होंने दिन-रात के मुकाबलों के साथ रॉयल प्रीमियर लीग शुरू की थी।
उनके मुताबिक, रात में मैच आयोजित करना और घाटी की प्रमुख टीमों को पुलवामा आने के लिए भरोसा दिलाना आसान नहीं था। लेकिन स्थानीय लोगों के सहयोग ने इसे बड़ी सफलता में बदल दिया।
डर के बीच भरोसे की वापसी
कश्मीर में हिंसा में काफी कमी आई है और पुलवामा में स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। हालांकि, हाल की आतंकी घटनाओं के बाद सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।
इसके बावजूद लीग के दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती के बीच किसी तरह का तनाव नहीं दिखा। आधी रात को श्रीनगर की रॉयल गुडविल टीम ने ट्रॉफी जीती, लेकिन असली जीत पुलवामा की रही, जिसने खेल के जरिए आतंक की पुरानी छाया से आगे बढ़ने का संदेश दिया।
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