समुद्री क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम: 2026-27 तक 62 नए पोत जोड़ने की योजना
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 2026-27 तक 62 नए पोत जोड़ने की योजना का ऐलान किया। इसके लिए ₹51,383 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 तक देश के बेड़े में 62 नए पोत जोड़े जाएंगे। इस योजना के लिए ₹51,383 करोड़ का बड़ा निवेश प्रस्तावित है।
यह घोषणा उस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान की गई, जिसकी अध्यक्षता स्वयं सोनोवाल ने की। बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, तेल सार्वजनिक उपक्रमों, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय सहित कई प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा स्थिति और उसके वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की गई।
सोनोवाल ने कहा कि भारत अपने समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। नए पोतों के शामिल होने से न केवल देश की शिपिंग क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और आयात-निर्यात गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि यह निवेश देश की आर्थिक प्रगति को गति देगा और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद करेगा। साथ ही, यह पहल “मेक इन इंडिया” और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी बढ़ावा देगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और समुद्री मार्गों में अनिश्चितताओं को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है। इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा।
सरकार की यह योजना भारत के समुद्री क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है।