अमेरिका के साथ व्यापार समझौता बहुत करीब, लंबित मुद्दों पर वर्चुअल बातचीत जारी: वाणिज्य सचिव
वाणिज्य सचिव ने कहा कि अमेरिका के साथ टैरिफ से जुड़ा प्रारंभिक व्यापार समझौता बहुत करीब है। दोनों देशों की टीमें वर्चुअल बातचीत के जरिए लंबित मुद्दों पर काम कर रही है।
भारत और अमेरिका के बीच शुल्क (टैरिफ) से जुड़े एक प्रारंभिक व्यापार समझौते को लेकर प्रगति तेज हो गई है और यह समझौता “बहुत करीब” है। यह जानकारी वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को दी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते की कोई निश्चित समय-सीमा बताना फिलहाल संभव नहीं है।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बातचीत कभी रुकी नहीं है और दोनों पक्ष लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, “अमेरिका के साथ चर्चाएं कभी टूटी नहीं हैं। हम लगातार बातचीत में हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल दिसंबर में भारत आया था। इसके बाद दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में वाणिज्य मंत्री और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के बीच वर्चुअल बैठक भी हुई।”
वाणिज्य सचिव ने संकेत दिया कि दोनों देशों की टीमें लंबित मुद्दों पर वर्चुअल माध्यम से सक्रिय रूप से चर्चा कर रही हैं और शुल्क से संबंधित मतभेदों को सुलझाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। उनका कहना था कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों पक्ष आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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इस बीच, 15 जनवरी 2026 को जारी ताजा व्यापार आंकड़ों से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में मजबूती के संकेत मिले हैं। आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में अमेरिका को भारत का वस्तु निर्यात 7.01 अरब डॉलर रहा, जो पिछले पांच महीनों का उच्चतम स्तर है। दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 6.89 अरब डॉलर था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रारंभिक व्यापार समझौता अंतिम रूप ले लेता है, तो इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव कम होंगे और भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही, यह समझौता द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को नई गति देने में सहायक साबित हो सकता है।
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