एक्साइज पॉलिसी केस: अरविंद केजरीवाल ने ईडी समन के खिलाफ हाईकोर्ट याचिका वापस ली
दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को ईडी समन के खिलाफ याचिका वापस लेने की अनुमति दी। ट्रायल कोर्ट से बरी होने के बाद फैसला, जबकि ईडी फैसले के खिलाफ अपील करेगी।
दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी समन को चुनौती देने वाली अपनी याचिका आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ले ली है। गुरुवार (12 फरवरी 2026) को हाईकोर्ट ने उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।
पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते, क्योंकि समन का पालन न करने से जुड़े आपराधिक मामलों में ट्रायल कोर्ट पहले ही उन्हें बरी कर चुका है। वहीं ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि एजेंसी ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करेगी।
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि याचिका को वापस लिया हुआ मानते हुए खारिज किया जाता है, लेकिन इसमें उठाए गए सभी कानूनी मुद्दे भविष्य के लिए खुले रहेंगे।
और पढ़ें: ईडी समन मामले में अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत, दिल्ली कोर्ट ने दो मामलों में किया बरी
22 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने समन का पालन न करने से जुड़े दो मामलों में केजरीवाल को बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उस समय वह मुख्यमंत्री थे और उन्हें आवागमन का मौलिक अधिकार प्राप्त है। अदालत ने यह भी माना कि समन की वैध सेवा को चुनौती देना कानूनी रूप से उचित है और ईडी यह साबित नहीं कर पाई कि उन्होंने जानबूझकर समन की अवहेलना की।
ईडी ने मार्च 2024 में नौवां समन जारी किया था, जिसके बाद केजरीवाल हाईकोर्ट पहुंचे थे। बाद में उन्हें उसी शाम गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल वह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत पर हैं और सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी की आवश्यकता से जुड़े मुद्दे को बड़ी पीठ के पास भेजा है।
ईडी का आरोप है कि आबकारी नीति बनाते समय कुछ आरोपियों को अनुचित लाभ और आम आदमी पार्टी को कथित रूप से रिश्वत मिली। केजरीवाल ने अपनी याचिका में PMLA की कुछ धाराओं की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी थी।
और पढ़ें: गुजरात में डर और भ्रष्टाचार का माहौल: अहमदाबाद में केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला