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लद्दाख में विकसित हो रहा देश का सबसे ऊंचा व्यावसायिक लिलियम फ्लावर पार्क, लगाए गए 50 हजार से अधिक बल्ब

लद्दाख के चोगलामसर में देश का सबसे ऊंचा व्यावसायिक लिलियम फ्लावर पार्क विकसित हो रहा है। 50 हजार से अधिक बल्ब लगाए गए हैं और सितंबर में फूल खिलने की उम्मीद है।

लद्दाख के लेह जिले के चोगलामसर में देश का सबसे ऊंचा व्यावसायिक लिलियम फ्लावर पार्क विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 50 हजार से अधिक प्रीमियम लिलियम बल्ब लगाए जा चुके हैं। इन पौधों में पहली बार इस वर्ष सितंबर के पहले सप्ताह तक फूल खिलने की उम्मीद है। यह लद्दाख की पहली बड़े पैमाने की व्यावसायिक पुष्पोत्पादन (फ्लोरीकल्चर) परियोजना है, जिसका उद्देश्य स्थानीय किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार तथा आय के नए अवसर पैदा करना है।

करीब 93 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैला यह फ्लावर पार्क सिंधु नदी के किनारे विकसित किया जा रहा है। यह लगभग 3,265 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जिससे यह भारत का सबसे ऊंचाई पर बना व्यावसायिक फूलों का खेत बन गया है। इससे पहले उत्तराखंड के माणा गांव में 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित फ्लावर फील्ड को सबसे ऊंचा माना जाता था।

इस परियोजना को सीएसआईआर-हिमालयन बायोरिसोर्स टेक्नोलॉजी संस्थान, पालमपुर का वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग प्राप्त है। इसकी आधारशिला 22 जून 2026 को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने रखी थी। परियोजना का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले लिलियम फूलों और कलियों का उत्पादन करना है, जिनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग और ऊंची कीमत मिलती है।

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यह पहल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के "सहकार से समृद्धि" विजन के अनुरूप शुरू की गई है। इसका लक्ष्य सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है। अगले वर्ष से इस फ्लावर पार्क का संचालन चयनित स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को सौंप दिया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार लद्दाख की ठंडी जलवायु लिलियम की खेती के लिए बेहद उपयुक्त है। यह पौधा माइनस 4 डिग्री से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच सबसे अच्छी तरह विकसित होता है। इसकी एक खासियत यह भी है कि तीन वर्षों के भीतर इसके बल्ब स्वतः बढ़ने लगते हैं, जिससे भविष्य में बिना अतिरिक्त लागत के उत्पादन और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि लद्दाख की जलवायु यहां की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए आय का नया स्रोत बनेगी और लद्दाख को उच्च हिमालयी फ्लोरीकल्चर हब के रूप में स्थापित करेगी। गौरतलब है कि लिलियम दुनिया के सबसे लोकप्रिय सजावटी फूलों में शामिल है और इसकी प्रीमियम किस्मों की कीमत खुदरा बाजार में 150 से 200 रुपये प्रति स्टिक तक पहुंचती है।

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