नेपाल के नेता रवि लामिछाने की भारत-चीन से अपील, हिमालयी आपदाओं से निपटने के लिए मिलकर बनाएं चेतावनी प्रणाली
नेपाल के नेता रवि लामिछाने ने भारत और चीन से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और हिमालयी क्षेत्र में प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली बनाने का आग्रह किया।
नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ के बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने भारत और चीन से मिलकर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते प्राकृतिक खतरे तीनों देशों के लिए साझा चिंता हैं और इनसे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
काठमांडू में आयोजित वर्ल्ड अन्विक्षा समिट में बोलते हुए लामिछाने ने कहा कि भारत, चीन और नेपाल भले ही तीन अलग-अलग देश हैं, लेकिन वे एक ही पर्वतीय प्रणाली का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी किसी सीमा या क्षेत्र को नहीं पहचानता।
लामिछाने ने कहा कि हाल की बाढ़ ने कई गांवों और जलविद्युत परियोजनाओं को तबाह कर दिया। कई घर और पुल बह गए हैं तथा परिवार अपने लापता परिजनों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने हिमालय में तेजी से हो रहे बदलावों को लेकर चेतावनी दी। उनके मुताबिक ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और जहां पहले बर्फ हुआ करती थी, वहां अब झीलें बन रही हैं। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन संस्थागत तैयारियों की तुलना में कहीं तेजी से बदल रहा है।
आरएसपी अध्यक्ष ने नेपाल, भारत और चीन से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के साथ-साथ प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक बदलावों को पूरी तरह रोकना संभव नहीं हो सकता, लेकिन समय रहते चेतावनी देकर लोगों की जान बचाई जा सकती है।
लामिछाने ने कहा कि यदि लोगों को आपदा आने से करीब 20 मिनट पहले भी जानकारी मिल जाए, तो वे सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकते हैं और परिवारों को बचाने का महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है।
उन्होंने भारत की तत्काल सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया। लामिछाने ने बताया कि मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की और भारत की राहत सामग्री बुधवार रात ही नेपाल पहुंच गई थी।
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