प्याज की कीमतों में 59% उछाल, दाम घटाने के लिए केंद्र ने बढ़ाई कांदा एक्सप्रेस की सप्लाई
प्याज की खुदरा कीमतों में सालाना 59 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने नासिक से प्रमुख शहरों तक ‘कांदा एक्सप्रेस’ से बफर स्टॉक भेजना शुरू किया है।
देश में प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने विशेष रेलवे रेक के जरिए प्याज की थोक आपूर्ति शुरू कर दी है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने सोमवार को बताया कि महाराष्ट्र के नासिक से प्रमुख खपत केंद्रों तक ‘कांदा एक्सप्रेस’ के माध्यम से प्याज भेजा जा रहा है। इन खेपों के बुधवार तक संबंधित केंद्रों पर पहुंचने की उम्मीद है।
उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 43.53 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई, जो एक साल पहले 27.37 रुपये थी। यानी कीमत में करीब 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी तरह औसत थोक कीमत भी 68 प्रतिशत बढ़कर 35.58 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
प्रमुख शहरों में चेन्नई में प्याज 60 रुपये, दिल्ली में 55 रुपये और कोलकाता में 53 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है।
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निधि खरे के मुताबिक शुरुआत में प्याज की आपूर्ति चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी में की जाएगी। बाजार की जरूरत के अनुसार बाद में अन्य शहरों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
नासिक में रखा सरकारी बफर स्टॉक विशेष रेलवे रेक से थोक में भेजा जा रहा है। इसके बाद इसे चयनित शहरों के थोक और खुदरा बाजारों में वितरित किया जाएगा। एनसीसीएफ और नाफेड के माध्यम से खुदरा बाजार में प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराने की योजना है।
सरकार के पास इस वर्ष करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक है। यह रणनीतिक भंडार कीमतों में अचानक वृद्धि और मौसमी कमी से निपटने के लिए रखा जाता है।
निधि खरे ने कहा कि सरकार कीमतों पर लगातार नजर रख रही है। अगस्त और सितंबर में त्योहारों की मांग, मौसम संबंधी व्यवधान और आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव के कारण प्याज के दाम आमतौर पर बढ़ते हैं। सरकार का लक्ष्य अतिरिक्त आपूर्ति के जरिए कीमतों पर दबाव कम करना है।
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