मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, राज्यसभा में विपक्ष का नया नोटिस
विपक्ष ने राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नया नोटिस दिया। नौ आरोपों के आधार पर राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग की गई है।
देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत विपक्षी दलों ने राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए नया नोटिस प्रस्तुत किया है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए विपक्ष ने विस्तृत आरोपों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव को सौंपा। कांग्रेस के अनुसार, कुल 73 विपक्षी सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की अपील की गई है।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर “सिद्ध कदाचार” के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में आचार संहिता के पालन में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का मुद्दा प्रमुख है। साथ ही, 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर चुनाव आयोग द्वारा कोई कार्रवाई न करने को भी गंभीर चूक बताया गया है।
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कांग्रेस का कहना है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कुल नौ विशिष्ट आरोप हैं, जिन्हें अत्यंत विस्तार से दर्ज किया गया है और जिन्हें न तो नकारा जा सकता है और न ही दबाया जा सकता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि उनका पद पर बने रहना संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
यह नोटिस भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324(5) और 124(4) के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 और न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत दिया गया है।
इस घटनाक्रम को आगामी राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।