पाकिस्तान को तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने या इतिहास: सेना प्रमुख की कड़ी चेतावनी
सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को आतंकियों को आश्रय देने पर चेताया और कहा कि उसे तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने या इतिहास बन जाए।
नई दिल्ली के मैनकशॉ सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आतंकियों को अपने देश में आश्रय देने की नीति बदलनी होगी और तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने या इतिहास बन जाए।
सेना प्रमुख ने यह टिप्पणी ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के कुछ दिन बाद की। यह ऑपरेशन पिछले साल 7 मई को पाहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 भारतीय नागरिकों की जान गई थी।
जनरल द्विवेदी ने कहा, “अगर आप मेरी पिछली बात सुन चुके हैं, तो मैं दोहराऊंगा… पाकिस्तान अगर आतंकियों को आश्रय देना जारी रखता है और भारत के खिलाफ ऑपरेशन करता है, तो उन्हें तय करना होगा कि वे भूगोल का हिस्सा बनना चाहते हैं या इतिहास का।”
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ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-नियंत्रित कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी ढांचे पर सटीक हमले किए। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के सैन्य और नागरिक ढांचों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिस पर भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की। संघर्ष लगभग 88 घंटे चला, और अंततः पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत से सीजफायर का अनुरोध किया।
हालांकि यह चार दिवसीय सैन्य संघर्ष 10 मई को समाप्त हुआ, भारत की नेतृत्व टीम ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन केवल रोक दिया गया है और पाकिस्तान को किसी भी गलत कदम के लिए चेताया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घाई, डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (रणनीति) ने कहा, “सीमा के पार कोई सुरक्षित जगह नहीं है। हम हर चीज़ को निशाना बनाएंगे। समय, तरीका और परिस्थितियां हमारी तरफ से तय होंगी।”
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