संसदीय ऊर्जा समिति ने ऊर्जा उत्पादन और संरक्षण पर की चर्चा, राज्यों के प्रदर्शन की मांगी जानकारी
संसदीय स्थायी समिति ने ऊर्जा संरक्षण और उत्पादन पर चर्चा की। सदस्यों ने विभिन्न राज्यों के प्रदर्शन, ऊर्जा दक्षता और बिजली क्षेत्र की प्रगति से जुड़ी जानकारी मांगी।
संसद की ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति ने मंगलवार को देश में ऊर्जा उत्पादन और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न राज्यों में ऊर्जा क्षेत्र के प्रदर्शन और उपलब्धियों से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी।
बैठक में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और ऊर्जा संरक्षण के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। समिति के सदस्यों ने यह जानने में रुचि दिखाई कि अलग-अलग राज्यों में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा रहे हैं।
संसदीय समिति ने ऊर्जा क्षेत्र में चल रही योजनाओं, उनकी प्रगति और राज्यों की भूमिका को लेकर भी जानकारी प्राप्त की। सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के साथ-साथ संरक्षण और सतत विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है।
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बैठक के दौरान बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार और ऊर्जा की बचत को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा हुई। समिति का उद्देश्य देश में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना है।
समिति के सदस्यों ने राज्यों के प्रदर्शन की तुलना और ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले राज्यों की जानकारी मांगी। उन्होंने सुझाव दिया कि सफल मॉडलों को अन्य राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए ताकि ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने के साथ उत्पादन क्षमता में वृद्धि की जा सके।
ऊर्जा क्षेत्र भारत की आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार है। औद्योगिक विकास, कृषि और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति आवश्यक है। ऐसे में संसदीय समिति की यह बैठक भविष्य की ऊर्जा नीतियों को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
समिति आगे भी ऊर्जा उत्पादन, संरक्षण और राज्यों की प्रगति की समीक्षा कर सरकार को अपने सुझाव दे सकती है।