प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, कहा– वे निर्भीक नेतृत्व और अटूट देशभक्ति के प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस, देशभक्ति और योगदान को याद किया तथा उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के सरकारी प्रयास गिनाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि नेताजी निर्भीक नेतृत्व और अटूट देशभक्ति के प्रतीक थे और उनके आदर्श आज भी मजबूत भारत के निर्माण के लिए पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेताजी की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने नेताजी के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के लिए उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने नेताजी के विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों पर उनके योगदान को भुलाने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस हमेशा से उनके लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए 23 जनवरी 2009 को उन्होंने नेताजी को सम्मान देने के उद्देश्य से ई-ग्राम विश्वग्राम योजना की शुरुआत की थी। यह योजना गुजरात के आईटी परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक अग्रणी पहल थी। यह योजना हरिपुरा से शुरू की गई थी, जिसका नेताजी के जीवन में विशेष महत्व रहा है।
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उन्होंने 2012 में अहमदाबाद में आयोजित आज़ाद हिंद फौज दिवस कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पी. ए. संगमा सहित नेताजी से प्रेरित कई लोग शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक देश पर शासन करने वालों के एजेंडे में नेताजी का गौरवशाली योगदान फिट नहीं बैठता था, इसलिए उन्हें भुलाने के प्रयास किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों के सार्वजनिक किए जाने को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने 2018 को भी महत्वपूर्ण वर्ष बताया, जब आज़ाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ लाल किले पर मनाई गई और अंडमान-निकोबार में नेताजी द्वारा तिरंगा फहराने की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई। इसी क्रम में रॉस द्वीप का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप रखा गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडिया गेट के पास नेताजी की भव्य प्रतिमा स्थापित करना औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति और नेताजी के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
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