×
 

गठबंधन में दरार? केडीएमसी के बाद मीरा-भयंदर में सेना-कांग्रेस मोर्चा, भाजपा को दी चुनौती

मीरा-भयंदर नगर निगम में कांग्रेस और शिंदे गुट शिवसेना ने संयुक्त विपक्षी मोर्चा बनाकर भाजपा को चुनौती दी, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन में बढ़ते तनाव के संकेत मिले।

महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर मतभेद एक बार फिर सामने आते दिख रहे हैं। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के बाद अब मीरा-भयंदर नगर निगम (MBMC) में भी भाजपा के खिलाफ एक नया राजनीतिक समीकरण उभर कर सामने आया है। कांग्रेस और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पार्षदों ने मिलकर एक संयुक्त विपक्षी मोर्चा बनाया है, जिसे मीरा-यंदर सिटी डेवलपमेंट फ्रंट” नाम दिया गया है।

दिलचस्प बात यह है कि राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) सहयोगी दल हैं, इसके बावजूद मीरा-भयंदर नगर निगम में शिंदे गुट ने कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर भाजपा के खिलाफ विपक्ष में बैठने का फैसला किया है। इस कदम ने दोनों दलों के बीच चल रहे अंतर्विरोधों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

यह घटनाक्रम मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में भाजपा और शिवसेना के रिश्तों में जारी तनाव को रेखांकित करता है। इससे पहले भी कल्याण-डोंबिवली, ठाणे और नवी मुंबई जैसे क्षेत्रों में दोनों दलों के बीच टकराव की स्थिति देखी जा चुकी है। मीरा-भयंदर का ताजा राजनीतिक घटनाक्रम उसी कड़ी का विस्तार माना जा रहा है।

और पढ़ें: एक समय में दो नावों पर सवार नहीं हो सकते: संजय राउत का संकेत, एमवीए में शरद पवार के साथ आ सकते हैं अजित पवार

गौरतलब है कि 2026 के मीरा-भयंदर नगर निगम चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 में से 78 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा, पांच पार्षदों का नामांकन अभी होना बाकी है। भारी बहुमत मिलने के बावजूद नगर निगम के भीतर विपक्षी दल अब संगठित होने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठबंधन नगर निगम में भाजपा के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर चुनौतियां खड़ी कर सकता है। साथ ही, यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों के संकेत भी देता है।

और पढ़ें: शिवसेना मंत्री के बेटे ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share