अयोध्या के कारसेवकपुरम में सुरक्षित मिली चांदी की काकभुशुण्डी प्रतिमा, विवाद पर लगा विराम
राम मंदिर दान विवाद में चर्चित चांदी की काकभुशुण्डी प्रतिमा अयोध्या के कारसेवकपुरम स्थित भारत कुटीर में सुरक्षित मिली। तस्वीरों ने प्रतिमा के गायब होने के दावों को खारिज किया।
राम मंदिर दान विवाद से जुड़ी चांदी की ‘काकभुशुण्डी’ प्रतिमा के कथित रूप से गायब होने को लेकर उठे सवालों के बीच अब यह प्रतिमा अयोध्या के कारसेवकपुरम स्थित भारत कुटीर में सुरक्षित पाई गई है। इस संबंध में सामने आई तस्वीरों से स्पष्ट हुआ है कि प्रतिमा मंदिर परिसर में स्थापित है और नियमित रूप से उसकी पूजा-अर्चना की जा रही है।
यह मामला तब चर्चा में आया जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) पर सवाल उठाए थे। उन्होंने चांदी की काकभुशुण्डी प्रतिमा के कथित रूप से लापता होने को लेकर जवाब मांगा था। इस मामले में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी आरोप लगाए गए थे।
हालांकि भारत कुटीर से सामने आए दृश्य इन दावों को खारिज करते हैं। तस्वीरों में चांदी की काकभुशुण्डी प्रतिमा स्पष्ट रूप से स्थापित दिखाई दे रही है। प्रतिमा के ऊपर एक बड़ा चांदी का धनुष-बाण भी रखा गया है, जिसे श्रद्धालुओं को दिखाया और उसके महत्व के बारे में बताया जाता है।
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कारसेवकपुरम परिसर में अन्य दान की गई वस्तुएं भी सुरक्षित रखी गई हैं। इनमें लोहे का विशाल ताला-चाबी मॉडल और चरण पादुकाएं शामिल हैं। काकभुशुण्डी की चांदी की प्रतिमा को अनीता भारद्वाज ने दान किया था। बताया जाता है कि इस दान की कोई औपचारिक रसीद उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण प्रतिमा के गायब होने की अटकलें शुरू हो गई थीं।
वहीं, विवाद में शामिल चांदी की ईंट भी सुरक्षित बताई गई है और उसे भारतीय स्टेट बैंक के एक लॉकर में रखा गया है। इस बीच दान प्रबंधन और कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बहस जारी है, लेकिन प्रतिमा के सुरक्षित मिलने से इस विवाद के एक महत्वपूर्ण पहलू पर स्थिति स्पष्ट हो गई है।