तरनजीत सिंह संधू बने दिल्ली के नए उपराज्यपाल, वी.के. सक्सेना को लद्दाख भेजा गया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का उपराज्यपाल नियुक्त किया है, जबकि वी.के. सक्सेना को लद्दाख भेजा गया है। कई राज्यों में भी राज्यपालों के पद बदले गए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल के पदों पर बड़े स्तर पर बदलाव किए। इस क्रम में पूर्व राजनयिक और भारतीय जनता पार्टी के नेता तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
वहीं मौजूदा दिल्ली उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है। इससे पहले लद्दाख के उपराज्यपाल रहे कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही कई अन्य राज्यों में भी बदलाव किए गए हैं। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं तमिलनाडु के राज्यपाल रहे आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया गया है।
यह बदलाव इसलिए करना पड़ा क्योंकि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने The Indian Witness से बातचीत में कहा कि वह लगभग साढ़े तीन साल तक इस पद पर रह चुके हैं और अब उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है। हालांकि उन्होंने इस्तीफे के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया।
बोस के इस्तीफे को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में विवाद भी शुरू हो गया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें इस फैसले की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में बोस को इस्तीफा देना पड़ा।
इस बीच बिहार को भी नया राज्यपाल मिला है। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं नंद किशोर को नागालैंड का राज्यपाल और जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल बनाया गया है।
इसके अलावा शिव प्रताप शुक्ला, जो पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल थे, उन्हें अब तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।