डोनाल्ड ट्रंप का दावा: अमेरिकी हमलों से ईरान की मिसाइल क्षमता 21 से 22% तक घटाई गई
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों से ईरान की मिसाइल क्षमता 21 से 22% घट गई है। हालांकि खुफिया रिपोर्टों में इस आंकड़े पर मतभेद सामने आए हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि हाल ही में अमेरिकी हमलों के बाद ईरान (Iran) की मिसाइल क्षमता भारी रूप से प्रभावित हुई है और उसका लगभग 21 से 22 प्रतिशत हथियार भंडार नष्ट हो गया है। हालांकि, खुफिया रिपोर्टों में इस दावे पर अलग राय सामने आई है और नुकसान के आंकड़ों को लेकर स्पष्टता नहीं है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य ताकत विशेष रूप से उसकी मिसाइल प्रणाली को बड़ा झटका लगा है। उनके अनुसार, यह कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी थी और इससे ईरान की आक्रामक क्षमता काफी कमजोर हुई है।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों में संकेत मिले हैं कि ईरान की वास्तविक क्षति उतनी अधिक नहीं है जितना दावा किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिसाइल भंडार को पूरी तरह से नष्ट करना कठिन होता है और कई सैन्य ढांचे अभी भी सक्रिय हो सकते हैं।
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इसी बीच मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। लेबनान (Lebanon) के राष्ट्रपति जोसेफ औन (Joseph Aoun) ने भी ईरान पर अपने देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बाहरी हस्तक्षेप को रोका जाना जरूरी है और सभी देशों को संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनीतिक टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति को अस्थिर कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों और आरोप-प्रत्यारोप से स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है तथा कूटनीतिक समाधान की कोशिशों पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल, न तो अमेरिका और न ही ईरान ने नुकसान के आधिकारिक आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि की है, जिससे स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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