ट्रंप ने एआई का नाम बदलने के लिए मांगी जनता की राय, सुझाए तीन विकल्प
डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम बदलने के लिए जनता से राय मांगी और तीन विकल्प सुझाए। प्रस्ताव एआई विकास, सुरक्षा और नियमन की बहस के बीच आया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का नाम बदलने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जनता से राय मांगी है। उन्होंने तीन नाम सुझाते हुए एक पोल जारी किया। ट्रंप ने मौजूदा नाम ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ को गलत और प्रभावहीन बताया।
ट्रंप ने नए नामों के तौर पर सुपीरियर इंटेलिजेंस (एसआई), एक्सट्रीम इंटेलिजेंस (ईआई) और सुप्रीम इंटेलिजेंस (एसआई) का विकल्प दिया। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से पूछा कि इस तेजी से बढ़ती तकनीकी क्रांति के लिए इनमें से कौन सा नाम बेहतर होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, पोल शुरू होने के करीब एक घंटे में लगभग 30 हजार लोगों ने मतदान किया था और उस समय सुपीरियर इंटेलिजेंस को करीब 42 प्रतिशत वोट मिले थे।
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका में एआई के विकास की रफ्तार, सुरक्षा और नियमन को लेकर बहस तेज है। एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोडेई समेत कुछ तकनीकी विशेषज्ञों ने उन्नत एआई के विकास की गति धीमी करने की जरूरत बताई है। वहीं ट्रंप ने अमेरिकी एआई उद्योग के विकास पर रोक लगाने वाली नीतियों का विरोध किया है।
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ट्रंप ने एआई को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया है और चीन के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा में इसकी भूमिका पर जोर दिया है। उन्होंने हाल में एआई के लिए एक नए सलाहकार या ‘एआई जार’ की नियुक्ति और ‘एआई फोर्स’ बनाने की योजना भी घोषित की है। हालांकि, उन्होंने इसकी संरचना और कार्यप्रणाली का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन एआई उद्योग के विकास को बाधित नहीं करेगा, बल्कि उसकी निगरानी करेगा और गलत गतिविधियों से निपटने के लिए मौजूदा कानूनी व्यवस्था का इस्तेमाल करेगा। यह मुद्दा आगामी ट्रंप-शी चिनफिंग वार्ता के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के लिए एआई रणनीतिक महत्व रखता है।
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