बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल का नाम बदलने के प्रस्ताव से डॉक्टर और मरीज हैरान
बेंगलुरु के 125 साल पुराने विक्टोरिया अस्पताल का नाम समाजवादी नेता शांतेवेरी गोपाल गौड़ा के नाम पर रखने के प्रस्ताव से डॉक्टर और मरीज हैरान हैं।
कर्नाटक सरकार के राज्य बजट में बेंगलुरु के 125 वर्ष पुराने विक्टोरिया अस्पताल का नाम बदलकर समाजवादी नेता शांतेवेरी गोपाल गौड़ा के नाम पर रखने के प्रस्ताव से डॉक्टरों और मरीजों में आश्चर्य और चर्चा का माहौल है।
अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों का कहना है कि इस प्रस्ताव के बारे में उन्हें पहले कोई जानकारी नहीं थी। बजट में इसकी घोषणा होने के बाद ही उन्हें इस योजना का पता चला। कई डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ को इस फैसले से पहले कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी।
विक्टोरिया अस्पताल बेंगलुरु के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में से एक है और यह एक महत्वपूर्ण रेफरल तृतीयक देखभाल केंद्र के रूप में कार्य करता है। यहां राज्य के विभिन्न हिस्सों से मरीज इलाज के लिए आते हैं।
इस अस्पताल की स्थापना 8 दिसंबर 1900 को हुई थी। इसे उस समय के भारत के वायसराय जॉर्ज कर्जन और मैसूर की महारानी केम्पनंजाम्मानी द्वारा स्थापित किया गया था। यह अस्पताल क्वीन विक्टोरिया के डायमंड जुबली के अवसर पर बनाया गया था और 1898 में फैले प्लेग प्रकोप के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से इसकी स्थापना की गई थी।
डॉक्टरों और मरीजों का कहना है कि अस्पताल का ऐतिहासिक महत्व काफी बड़ा है, इसलिए नाम बदलने के प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा और विचार-विमर्श होना चाहिए।
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