ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने पर राज्यपाल आर.एन. रवि ने पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग की
पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इनकार करने पर राज्यपाल आर.एन. रवि ने विधानसभा भंग कर दी, जिससे राज्य में संवैधानिक और राजनीतिक संकट गहरा गया।
पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद राज्यपाल आर.एन. रवि ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग कर दी। विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद यह फैसला राज्य की राजनीति में नए टकराव का संकेत माना जा रहा है।
भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और तृणमूल कांग्रेस के लगातार 15 वर्षों के शासन का अंत कर दिया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीटों पर सिमट गई।
चुनाव परिणाम आने के एक दिन बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी नतीजों को “जनादेश नहीं बल्कि साजिश” करार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से लड़ रही है। ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार करते हुए कहा, “मैं क्यों इस्तीफा दूं? हम हारे नहीं हैं। जनादेश लूट लिया गया है। इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता।”
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उन्होंने दावा किया कि मतगणना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई और लगभग 100 सीटें “लूटी” गईं। ममता बनर्जी के अनुसार मतगणना की प्रक्रिया जानबूझकर धीमी की गई ताकि उनकी पार्टी का मनोबल तोड़ा जा सके।
ममता बनर्जी ने कहा, “हम जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि साजिश से हारे हैं। मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।” उनके इस बयान के बाद राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति बन गई थी।
राज्यपाल आर.एन. रवि द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के फैसले को राजनीतिक हलकों में बेहद अहम माना जा रहा है। अब पश्चिम बंगाल में आगे की राजनीतिक रणनीति और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।