बंगाल चुनाव 2026: मतदान के दौरान हिंसा रोकने के लिए NIA तैनात, सुरक्षा कड़ी
बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले सुरक्षा कड़ी करते हुए चुनाव आयोग ने NIA तैनात की है, ताकि बम और हिंसा की घटनाओं को रोककर शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। आयोग ने असामाजिक तत्वों द्वारा मतदान प्रक्रिया को बाधित करने और बमों के इस्तेमाल को रोकने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को तैनात किया है।
यह निर्णय राज्य में हाल ही में कच्चे बमों की बरामदगी और एक मामूली विस्फोट की घटना के बाद लिया गया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
26 अप्रैल को दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ इलाके में एक व्यक्ति के घर से 79 कच्चे बम बरामद किए गए थे। पुलिस के अनुसार, यह व्यक्ति कथित रूप से तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता है। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई छापेमारी में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
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इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA ने जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने इस घटना को मानव जीवन और संपत्ति के लिए खतरा बताते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत राज्य में कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सभी पर वेबकास्टिंग की सुविधा होगी। इसके अलावा 2,321 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 273 कंपनियां कोलकाता में मौजूद हैं।
चुनाव की निगरानी के लिए 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। साथ ही, ड्रोन कैमरों के जरिए मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।
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