CJP नेताओं को तिहाड़ भेजे जाने पर घमासान, राहुल गांधी बोले — "जंतर-मंतर पर फिर होगा कब्ज़ा"
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पर CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया। राहुल गांधी ने गिरफ्तारी को कायरतापूर्ण कृत्य बताते हुए जंतर-मंतर वापस लेने का संकल्प लिया।
देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) के प्रमुख नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया और गुरुवार को अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। इनके साथ पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी अजिंक्य शिंदे को भी गिरफ्तार किया गया है।
गौरतलब है कि बीते शनिवार को जब CJP नेता जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के इरादे से दिल्ली पहुंचे थे, तब पुलिस ने उन्हें हवाई अड्डे पर ही हिरासत में ले लिया था। विपक्ष का आरोप है कि इस दौरान 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों, वकीलों और यहां तक कि चार पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी हिरासत में लिया गया, जिसकी तुलना कुछ नेताओं ने 1975 की आपातकाल से की।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "जंतर-मंतर देश की जनता का है और हम इसे वापस लेकर रहेंगे।" उन्होंने CJP नेताओं की गिरफ्तारी को "कायरतापूर्ण कृत्य" बताया और कैमरे पर प्रदर्शनकारियों से पुलिसिया बर्ताव को उजागर करने का दावा किया। गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर निष्पक्षता खोने का आरोप भी दोहराया।
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वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारियां कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका और पूर्व में हुई हिंसा की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए की गई हैं। इस बीच CJP ने ऐलान किया है कि आंदोलन अब पूरे देश में फैलाया जाएगा और पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन कमजोर नहीं, बल्कि और तेज़ होगा। मामले पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई 26 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जहां विपक्षी नेताओं की याचिका पर विचार होगा।
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