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छात्र प्रदर्शनों पर सर्कुलर को लेकर विवाद, माकपा ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को हटाने की मांग की

तमिलनाडु में छात्र प्रदर्शनों को लेकर जारी सर्कुलर पर विवाद बढ़ गया है। माकपा ने मुख्य सचिव एम. साई कुमार को हटाने की मांग करते हुए पूरे राज्य में प्रदर्शन का ऐलान किया।

तमिलनाडु में छात्र आंदोलनों को लेकर जारी एक विवादित सर्कुलर के खिलाफ राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को तमिलनाडु के मुख्य सचिव एम. साई कुमार को पद से हटाने की मांग की।

पी. शनमुगम ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को ऐसे सर्कुलर भेजे हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को कम्युनिस्ट पार्टियों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आयोजित प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकना है। उन्होंने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाने की कोशिश बताया।

माकपा ने इस मुद्दे को लेकर शनिवार, 22 अगस्त को पूरे तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्यभर में प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया गया है।

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शुक्रवार को माकपा के राज्य सचिव पी. शनमुगम के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सलेम में प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन सलेम नगर निगम की पेयजल आपूर्ति के कथित निजीकरण के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के बाद शनमुगम ने पत्रकारों से बातचीत में छात्र प्रदर्शनों से जुड़े सरकारी सर्कुलर पर सरकार को घेरा।

उन्होंने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की गतिविधियों पर इस तरह की पाबंदी लगाने के बजाय उनकी स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। माकपा नेता ने मुख्य सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शनमुगम ने राज्य सरकार के एक अन्य फैसले पर भी पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को सरकारी कार उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर सरकार को दोबारा विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे समय में जब राज्य के सामने कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे हैं, सरकार को अपने खर्च और प्राथमिकताओं पर ध्यान देना चाहिए।

माकपा ने स्पष्ट किया है कि वह छात्र अधिकारों, सार्वजनिक सेवाओं और सरकारी नीतियों से जुड़े मुद्दों पर अपना आंदोलन जारी रखेगी। शनिवार को प्रस्तावित राज्यव्यापी प्रदर्शन से तमिलनाडु में राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है।

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