दिल्ली भाजपा के नए प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे ने संभाला कार्यभार, एमसीडी चुनाव पर फोकस
दिल्ली भाजपा के नए प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे ने कार्यभार संभालते हुए अगले वर्ष होने वाले एमसीडी चुनाव पर फोकस किया। उन्होंने पार्टी के पूरे आत्मविश्वास से चुनाव लड़ने की बात कही।
नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा के नवनियुक्त प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे ने शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अगले वर्ष होने वाले दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों पर जोर दिया और कहा कि भाजपा चुनाव में पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी।
पूर्व राज्यसभा सांसद रहे विनय सहस्रबुद्धे को दिल्ली भाजपा का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्हें वर्ष 2017 के नगर निगम चुनाव में भाजपा की प्रभावशाली जीत से भी जोड़ा जाता है। प्रदेश कार्यालय में कार्यभार संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दिल्ली में पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं।
सहस्रबुद्धे ने कहा कि दिल्ली में भाजपा से लोगों की अपेक्षाएं अधिक हैं, क्योंकि वर्तमान में केंद्र के साथ-साथ दिल्ली में भी पार्टी की सरकार है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों का प्रतिनिधित्व भाजपा सांसद कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कामकाज के परिणाम जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं उपलब्धियों और संगठन की ताकत के आधार पर पार्टी आगामी एमसीडी चुनाव पूरे आत्मविश्वास के साथ लड़ेगी।
दिल्ली में नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज होने की उम्मीद है। ऐसे में नए प्रदेश प्रभारी के रूप में सहस्रबुद्धे के सामने संगठन को चुनावी स्तर पर सक्रिय करने और पार्टी की रणनीति को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
वर्ष 2017 के एमसीडी चुनाव में भाजपा ने दिल्ली के तीनों तत्कालीन नगर निगमों में बड़ी जीत दर्ज की थी। सहस्रबुद्धे उस समय पार्टी की चुनावी रणनीति से जुड़े प्रमुख नेताओं में शामिल थे। अब आगामी चुनाव से पहले उनकी दिल्ली में वापसी को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, एमसीडी चुनाव में भाजपा के सामने स्थानीय मुद्दों, नागरिक सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और वार्ड स्तर पर संगठन को मजबूत रखने जैसी चुनौतियां भी रहेंगी। पार्टी अब चुनावी तैयारियों को गति देने के साथ स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और संगठन के बीच समन्वय बढ़ाने पर ध्यान दे सकती है।