शुद्ध राजनीतिक ड्रामा : मायावती ने कांशीराम जयंती को PDA दिवस मनाने पर अखिलेश पर साधा निशाना
मायावती ने कांशीराम जयंती को ‘PDA दिवस’ मनाने के अखिलेश यादव के फैसले को राजनीतिक ड्रामा बताया और सपा पर दलित-ओबीसी विरोधी होने का आरोप लगाया।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के उस फैसले की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती को ‘PDA दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। मायावती ने इसे “शुद्ध राजनीतिक ड्रामा” करार दिया।
मायावती ने कहा कि सपा का “चाल-चरित्र और चेहरा” ऐतिहासिक रूप से बहुजन समाज के महापुरुषों के प्रति सम्मानजनक नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने हमेशा दलितों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और बहुजन समाज के हितों का विरोध किया है।
अखिलेश यादव ने ‘PDA’ शब्द गढ़ा है, जिसका अर्थ है ‘पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक’। इसका उद्देश्य ओबीसी, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को एकजुट करना बताया जा रहा है। सपा ने 15 मार्च को उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कांशीराम की जयंती को ‘बहुजन समाज दिवस’ या ‘PDA दिवस’ के रूप में मनाने के निर्देश दिए हैं।
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मायावती ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव वंचित वर्गों के वोट हासिल करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांशीराम के विचारों और संघर्षों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
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