मायावती ने आकाश आनंद पर साधा निशाना, स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों को लेकर कही बड़ी बात
मायावती ने स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों के लिए निष्कासित नेताओं को जिम्मेदार ठहराया और आकाश आनंद पर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया, जिससे बसपा में नेतृत्व विवाद बढ़ा।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी से निष्कासित नेताओं और अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान दिया है। मायावती ने कहा कि पार्टी से निकाले गए लोगों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें फैलाईं और बताया कि वह गंभीर रूप से बीमार हैं।
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद ने खुद उन्हें फोन कर उनकी तबीयत के बारे में पूछा था। उनके मुताबिक, आकाश ने रात 10:04 बजे उनके आवास पर फोन किया और यह जानना चाहा कि क्या उनकी तबीयत खराब हो गई है।
हालांकि, मायावती ने आकाश आनंद पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह अभी भी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि अशोक सिद्धार्थ के कहने पर काम कर रहे हैं। मायावती ने पहले ही आकाश आनंद और ईशान आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
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आकाश आनंद के निष्कासन के बाद भी बसपा समर्थकों के एक वर्ग का समर्थन उन्हें मिल रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मायावती से आकाश को पार्टी में वापस लेने की अपील की है। कुछ समर्थकों ने उन्हें उभरता हुआ नेता बताते हुए कहा कि बहुजन समाज आकाश आनंद के अलावा किसी अन्य नेता को स्वीकार नहीं करेगा।
आकाश आनंद को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और आजाद पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के बयानों ने भी राजनीतिक चर्चा बढ़ाई है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा में नेतृत्व को लेकर यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, आकाश आनंद की बढ़ती लोकप्रियता और पार्टी के भीतर उनके बढ़ते प्रभाव को लेकर मायावती चिंतित थीं। आकाश को पहले मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया था और वह बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक के तौर पर कार्य कर चुके हैं।
टिकट वितरण को लेकर भी दोनों के बीच मतभेद की बात सामने आई। आरोप है कि आकाश आनंद ने 2027 चुनाव के लिए कुछ लोगों को टिकट का भरोसा दिया था। मायावती ने उन पर स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं लेने और अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया है।
इस पूरे विवाद के बीच मायावती ने स्पष्ट किया है कि वह स्वस्थ हैं और बसपा का नेतृत्व जारी रख रही हैं।