अभिषेक बनर्जी ने अमित शाह को दी बहस की चुनौती, कहा— राष्ट्रपति पद को राजनीति में घसीट रही भाजपा
तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने अमित शाह को केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के कामकाज पर बहस की चुनौती दी और भाजपा पर राष्ट्रपति पद को राजनीति में घसीटने का आरोप लगाया।
कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को राज्य और केंद्र सरकार के कामकाज पर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सस्ती राजनीति करते हुए राष्ट्रपति के पद को भी राजनीतिक विवादों में घसीट रही है।
अभिषेक बनर्जी ने यह बयान दक्षिण 24 परगना जिले के मथुरापुर में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए दिया। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था।
रैली में बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार और भाजपा को अपने कामकाज पर भरोसा है, तो उन्हें पश्चिम बंगाल की सरकार के प्रदर्शन के साथ खुली बहस के लिए तैयार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की बहस से जनता को सच्चाई पता चल सकेगी कि किस सरकार ने बेहतर काम किया है।
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उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण देश के हर बच्चे पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। उनके मुताबिक भाजपा की नीतियों की वजह से हर भारतीय बच्चे पर लगभग 1.4 लाख रुपये से अधिक का कर्ज चढ़ गया है।
डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि अगर भाजपा वास्तव में देश की राष्ट्रपति का सम्मान करती है, तो उन्हें राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाना चाहिए था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नए संसद भवन के उद्घाटन और अयोध्या राम मंदिर के कार्यक्रम में राष्ट्रपति को बुलाया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के पद को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए और उसे राजनीतिक विवादों में शामिल करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
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