UBT में टूट की आशंका? शिंदे खेमे में शामिल होने की चर्चा के बीच उद्धव ठाकरे ने बुलाई अहम बैठक
यूबीटी शिवसेना में टूट की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने बैठक बुलाई। कई सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चा है, हालांकि पार्टी ने एकजुटता का दावा किया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी हलचल का माहौल बन गया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में टूट की अटकलों के बीच रविवार को मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित ‘मातोश्री’ निवास पर एक अहम बैठक बुलाई गई।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के लोकसभा सांसदों में से कई के एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में होने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि यूबीटी के सात सांसद शिंदे खेमे में जाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, पार्टी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि संगठन पूरी तरह एकजुट है।
बैठक को सांसदों और विधायकों की निष्ठा परखने और संगठन की आंतरिक स्थिति का आकलन करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में पार्टी के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 3 सांसद—संजय हरीभाऊ जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर—गैरहाजिर रहे।
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इस बीच राजनीतिक हलचल तब और बढ़ गई जब खबरें सामने आईं कि 7 सांसदों ने 7 जून को दिल्ली में शिंदे से मुलाकात की थी, जहां उन्हें शिवसेना में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री और शिवसेना सांसद प्रतापराव जाधव के बयान ने भी अटकलों को और हवा दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “ऑपरेशन टाइगर” लगभग पूरा होने वाला है।
यदि ये सात सांसद शिंदे गुट में शामिल होते हैं, तो यूबीटी को बड़ा झटका लग सकता है और लोकसभा में उसका संख्याबल घट जाएगा, जबकि शिंदे गुट की ताकत बढ़ेगी।
हालांकि, यूबीटी नेताओं ने साफ कहा है कि पार्टी में कोई टूट नहीं है और आदित्य ठाकरे संगठन के भविष्य का नेतृत्व करेंगे। सांसद संजय राउत ने भी दावा किया कि ठाकरे परिवार महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत रहेगा और पार्टी एकजुट बनी रहेगी।
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