मुझे हीरो मत बनाइए, यह जीत की पहली सीढ़ी है, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले अभिजीत दीपके
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन की पहली जीत बताया। उन्होंने शाम छह बजे देशभर में कैंडल मार्च और मौन प्रदर्शन का आह्वान किया।
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन की पहली बड़ी सफलता है, लेकिन अभी संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने समर्थकों से अपील करते हुए कहा, "मुझे हीरो मत बनाइए, यह हमारी जीत की पहली सीढ़ी है।"
अभिजीत दीपके ने देशभर के लोगों से शनिवार शाम छह बजे कैंडल मार्च और मौन प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में शामिल छात्रों और नागरिकों के संघर्ष को सम्मान देने का अवसर होगा।
वहीं, सीजेपी के नेता सौरव दास ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण जनआंदोलन ने लोकतंत्र की ताकत को एक बार फिर साबित किया है।
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इससे पहले शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में बनी परिस्थितियों का कोई राष्ट्रविरोधी तत्व लाभ न उठा सके, देश एकजुट रहे और छात्र कानूनी विवादों में उलझने के बजाय अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दें, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उनका चार दशक से अधिक समय का सार्वजनिक जीवन विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया। साथ ही अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित करने का फैसला भी लिया गया।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता दो करोड़ नहीं, बल्कि 20 लाख से अधिक छात्रों के हितों की रक्षा करना और उनकी परीक्षा निष्पक्ष ढंग से कराना था। उन्होंने दोहराया कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा विवाद की वजह से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
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