एशियन गेम्स 2026 में भारत का स्वर्णिम समापन, 85 पदकों के साथ अभियान खत्म
भारत ने एशियन गेम्स 2026 का स्वर्णिम समापन किया। हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती, तीरंदाजी और गोल्फ में स्वर्ण समेत कुल 85 पदक जीतकर अभियान पूरा किया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शनिवार, 3 अक्टूबर को शानदार प्रदर्शन के साथ अपने अभियान का समापन किया। अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों ने क्रिकेट, हॉकी, कुश्ती, तीरंदाजी और गोल्फ में स्वर्ण समेत कई पदक जीतकर देश की पदक संख्या 85 तक पहुंचा दी। भारत ने प्रतियोगिता में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते।
पुरुष हॉकी के फाइनल में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने एक-एक गोल किया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का पांचवां स्वर्ण पदक जीता। साथ ही टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल किया।
क्रिकेट में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर पुरुष वर्ग का स्वर्ण पदक बरकरार रखा। महिला टीम के पहले ही स्वर्ण जीतने के बाद यह भारत का क्रिकेट में दूसरा स्वर्ण रहा।
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कुश्ती में भारत को तीन पदक मिले। अमन सहरावत ने 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल के फाइनल में उत्तर कोरिया के हांग सोंग को 11-7 से हराकर स्वर्ण जीता। अंतिम पंघाल ने 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। वहीं, दीपक पूनिया ने 97 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में यह 60 वर्षों बाद भारत का पहला एशियन गेम्स पदक है।
तीरंदाजी में कुमकुम महोड़ ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि नीरज चौहान ने पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व में कांस्य हासिल किया।
गोल्फ में प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं। अदिति अशोक, दीक्षा डागर और प्रणवी उर्स की भारतीय महिला टीम ने रजत पदक जीता।
भारत पदक तालिका में 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा।
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