एशियाई शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव, फेड के ब्याज दर फैसले और एआई निवेश को लेकर बढ़ी अनिश्चितता
एशियाई बाजारों में एआई शेयरों की बिकवाली, फेड की ब्याज दर नीति और पश्चिम एशिया तनाव से बाजारों में उतार-चढ़ाव रहा। निवेशकों के बीच भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
एशियाई शेयर बाजारों में गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े शेयरों में जारी बिकवाली और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। सप्ताह के दौरान आई तेज गिरावट के बाद बाजार अब भी दबाव में दिखाई दिए।
इस बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत एक दिन पहले 7 प्रतिशत से अधिक उछाल के बाद 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, मिसाइल और ड्रोन हमलों के बावजूद तेल टैंकरों की आवाजाही जारी रहने से आपूर्ति पर तत्काल असर नहीं पड़ा।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा, लेकिन फेड के भीतर मतभेद ने निवेशकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। लंबी अवधि के अमेरिकी सरकारी बॉन्ड प्रतिफल 19 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जिससे यह संकेत मिला कि बाजार भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना देख रहा है।
इस सप्ताह एशियाई चिप निर्माता कंपनियां निवेशकों के केंद्र में रहीं। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट से देश के इक्विटी बाजार का दो ट्रिलियन डॉलर से अधिक का बाजार पूंजीकरण घट गया। निवेशकों में एआई क्षेत्र में भारी निवेश से मिलने वाले संभावित रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ी है।
हालांकि, गुरुवार को कोस्पी सूचकांक में लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, लेकिन सप्ताहभर में यह करीब 12 प्रतिशत नीचे बना हुआ है। इस गिरावट के बाद दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्री कू यून-चियोल ने सिंगल-स्टॉक लीवरेज्ड ईटीएफ शुरू किए जाने पर खेद भी जताया।
नॉर्डिया एसेट मैनेजमेंट की पोर्टफोलियो प्रबंधक जीना किम ने कहा कि एआई क्षेत्र की बुनियादी स्थिति अभी भी मजबूत है और मौजूदा बिकवाली में घबराहट का असर अधिक दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि ताइवान और दक्षिण कोरिया में खुदरा निवेशकों के मार्जिन बैलेंस पर नजर रखना जरूरी होगा।
इस बीच सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने दूसरी तिमाही में परिचालन लाभ में 19 गुना वृद्धि दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया, जिससे निवेशकों की धारणा में कुछ सुधार हुआ। वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने वित्त वर्ष 2027 तक मजबूत नकदी प्रवाह बनाए रखने का भरोसा जताया, जबकि मेटा ने दूसरी तिमाही में मुक्त नकदी प्रवाह में 91 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की।
फेड अध्यक्ष केविन वार्श ने मुद्रास्फीति पर नियंत्रण की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन भविष्य में ब्याज दरों को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि फेड की नीतियों और बाजार की अपेक्षाओं के बीच बढ़ता अंतर आने वाले समय में वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बनाए रख सकता है।