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आयुष्मान भारत ने कैंसर देखभाल पहुंच बढ़ाई, लेकिन बजट वृद्धि की आवश्यकता: अध्ययन

अध्ययन के अनुसार आयुष्मान भारत ने कैंसर मरीजों की देखभाल और वित्तीय सुरक्षा बढ़ाई, लेकिन बेहतर लाभ और शुरुआती पहचान के लिए बजट और ढांचे में सुधार आवश्यक है।

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) ने कैंसर रोगियों के लिए जीवन रेखा का काम किया है। डॉ. अभिषेक शंकर के नेतृत्व में AIIMS दिल्ली के डॉ. बी आर अंबेडकर रोटरी कैंसर अस्पताल में किए गए FinCan अध्ययन में पाया गया कि योजना ने रोगियों को समय पर इलाज और वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराकर जीवन पर बड़ा असर डाला है।

अधिकारियों के अनुसार, 2018 से अब तक AB-PMJAY ने लगभग 68 लाख कैंसर उपचार में सहायता की, जिसका मूल्य लगभग ₹13,000 करोड़ है। ग्रामीण और निम्न-आय वर्ग के लोग सबसे ज्यादा लाभान्वित हुए हैं। योजना के तहत लक्षित चिकित्सा (Targeted Therapies) और 30 दिनों में इलाज शुरू होने की संभावना 90% तक बढ़ना जैसे संकेत मिले।

हालांकि, पांच साल के स्टैण्डर्ड ऑफ केयर के लिए वार्षिक आवश्यकता लगभग ₹33,000 करोड़ है, जबकि वर्तमान में AB-PMJAY केवल ₹7,700 करोड़ आवंटित करता है। डॉ. शंकर ने कहा, “बेहतर कैंसर देखभाल केवल अधिक खर्च करने की बात नहीं, बल्कि समझदारी से खर्च करने की जरूरत है।”

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अध्ययन में पाँच साल का 'रिवॉल्विंग कैप' ₹25 लाख प्रति परिवार और उन्नत स्टेज कैंसर के लिए ₹10 लाख टॉप-अप की सिफारिश की गई। इसके अलावा, स्क्रीनिंग और डायग्नोस्टिक्स को योजना में शामिल करने से जीवन बचाने और खर्च कम करने में मदद मिलेगी।

सरकार ने 2025-26 के बजट में 200 नए डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने और कुछ जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट देने के उपाय किए हैं।

निष्कर्षतः, AB-PMJAY ने कैंसर देखभाल की पहुंच बढ़ाई, इलाज की गति बढ़ाई और वित्तीय बोझ कम किया, लेकिन शुरुआती पहचान और बजट सुधार से इसका असर और बढ़ सकता है।

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