बंगाल में सत्ता परिवर्तन: ममता बनर्जी की हार, नौ मंत्री भी हारे, बीजेपी ने बदला राजनीतिक समीकरण
बंगाल चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत, ममता बनर्जी और नौ मंत्रियों की हार। रिकॉर्ड मतदान के बीच सत्ता विरोधी लहर ने राजनीति बदल दी और नए दौर की शुरुआत की।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 ने राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव ला दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। बीजेपी ने 293 सीटों में से 206 सीटों पर जीत दर्ज की।
इस चुनाव में रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला, जहां दोनों चरणों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई, जो राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा है। बीजेपी ने इसे टीएमसी के खिलाफ लहर बताया, जबकि टीएमसी ने कहा कि मतदाता वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकले। हालांकि, नतीजों से स्पष्ट है कि सत्ता विरोधी लहर ने निर्णायक भूमिका निभाई।
सबसे बड़ा झटका ममता बनर्जी को लगा, जिन्हें भवानीपुर सीट से सुवेंदु अधिकारी ने हराया। इसके अलावा, उनके नौ मंत्रियों को भी अपनी-अपनी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जिससे इस राजनीतिक बदलाव की गहराई साफ नजर आती है।
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हारने वाले प्रमुख नेताओं में शशि पांजा (श्यामपुकुर), सिद्दीकुल्लाह चौधरी (मोंटेस्वर), उदयन गुहा (दिनहाटा), चंद्रिमा भट्टाचार्य (दमदम नॉर्थ), ब्रत्य बसु (दमदम), रथिन घोष (मध्यग्राम), सुजीत बोस (बिधाननगर), बेचाराम मन्ना (सिंगूर) और बिरबाहा हांसदा (बिनपुर) शामिल हैं।
अन्य परिणामों में टीएमसी को 80 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने फरक्का और रानीनगर सीटें जीतीं। मुर्शिदाबाद से हुमायूं कबीर ने दो सीटों पर जीत दर्ज की, जिनमें से उन्हें एक छोड़नी होगी।
यह चुनाव परिणाम बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देते हैं, जहां बीजेपी के नेतृत्व में नई दिशा तय होगी।
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