हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका, चार में से तीन नगर निगमों पर भाजपा का कब्जा
हिमाचल प्रदेश नगर निगम चुनावों में भाजपा ने चार में से तीन निगमों में जीत दर्ज की। कांग्रेस को बड़ा झटका लगा, जबकि केवल पालमपुर में उसे सफलता मिली।
हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में राज्य के चार नगर निगमों में से तीन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत दर्ज की है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, भाजपा ने मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम को अपने पास बचा पाई है। यह परिणाम कांग्रेस सरकार के लिए चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
मंडी नगर निगम में कुल 15 वार्डों में से भाजपा ने 12 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को केवल एक सीट मिली। शेष सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गईं।
सोलन नगर निगम में 17 वार्डों में भाजपा ने 10 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं और एक सीट निर्दलीय के पास गई।
धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने 11 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
वहीं पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस ने 15 में से 11 वार्ड जीतकर भाजपा को पीछे छोड़ दिया, भाजपा को यहां केवल 4 सीटें मिलीं।
भाजपा की इस जीत के बाद पार्टी नेताओं ने इसे जनता के समर्थन का संकेत बताया है और 2027 के विधानसभा चुनावों में जीत का भरोसा जताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि जनता ने कांग्रेस सरकार की नीतियों को नकार दिया है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियां युवाओं, महिलाओं और किसानों के खिलाफ हैं, जिसके कारण जनता में असंतोष बढ़ा है। भाजपा ने यह भी कहा कि शहरी स्थानीय निकायों में भी पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
वहीं, 2021 के नगर निगम चुनावों में भाजपा ने केवल धर्मशाला और मंडी में जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने सोलन और पालमपुर में जीत हासिल की थी।
इस बार के परिणामों को हिमाचल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।